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सनेही आ लेखक लोगन से निहोरा

‘भोजपुरिका’ भोजपुरी समाज, साहित्य आ संस्कृति के पत्रिका हटे. जइसे एकर पहिल नाम आ रूप ‘अँजोरिया’ रउँआ सभके खूब भावल, ओसहीं एहू नाँव के राउर नेह-छोह खूब मिल रहल बा. समाचार, साहित्य से मनोरंजन तक के रउरा चाव के विविध सामग्री परोसे के शुरुवे से हमार मन रहल बा आ आपन हर कोशिश कइले बानी कि भोजपुरिया समाज के ज्यादा से ज्यादा संतुष्ट कर सकीं आउर भोजपुरिया स्वाभिमान के संपुष्ट कर सकीं. 1. आत्मीय सनेही लोगन से आग्रह बा कि भोजपुरिका पर आईं सभे, जवने नीक लागे, पढ़ीं सभे आ…
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किताबि आ पत्रिका के परिचय – 1

                जिनिगी पहाड़ हो गईल "जिनिगी पहाड़ हो गईल" डॉ. गोरखनाथ 'मस्ताना' के भोजपुरी कविता संग्रह हटे, जवना के प्रकाशन सन् 2008 में इंद्रप्रस्थ भोजपुरी परिषद्, RZH/940, राज नगर-2, पालम कॉलॉनी, नई दिल्ली-110045 से भइल बा. एकर कीमत 200 रुपिया बाटे. भोजपुरी कविता के रंगीन चुनरी के रंगरेज मस्ताना जी के मए कविता पढ़े आ गुनगुनाए जोग बाड़ी सन. अभावो में भाव के सर्जना करेवाला एह कवि के मस्ती में कतहीं कमी नइखे लउकत- जिनिगी जियेला चाहीं मुट्ठी भर अँजोरिया ओतने ही कि…
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अहजह

- नीमन सिंह बतइब हो हम का करीं..... कइसे करीं कइसे रहीं का खाई का पहिनी ? बतइब हो हम का करीं.... कहवां मूती कहवां हगीं केकरा संगे बात बिचारी बतइब हो हम का करीं..... केहू कहे हई करs केहू कहे हउ करs केहू कहे मउज करs बतइब हो हम का करीं..... जेकरा कउनो लूर नईखे उहो बतावे हउ करs मन करे तवन करs जवन कहे तवन करs हम त अहजह में पड़ गइल बानी.. बतइब हो हम का करीं.....?
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हे ! नाग देवता पालागी !

- जयशंकर प्रसाद द्विवेदी आस्तीन में पलिहा  बढ़िहs मनही मन परिभाषा गढ़िहs कुछो जमइहा कबों उखरिहा गारी  सीकमभर  उचारिहs हे ! नाग देवता पालागी !   हरदम  तोसे नेह  देवता बसिहा  एही  गेह  देवता नीको नेवर बुझिया भलहीं डसिहा  एही  देह  देवता हे ! नाग देवता पालागी !   केकर मितई  कइसे जानब दुसमन के कइसे पहिचानब बिजुरी  के  छूवब जे कबहूँ तोसे बेसी  फन हम तानब हे ! नाग देवता पालागी !   छोछर कुल अभिमान देवता हेराइल   सनमान   देवता अकडू से  उकडूं  तू भइलs अइसन तू  भगमान  देवता…
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जिउतिया के शुभकामना

भोजपुरिका का ओर से जिउतिया (जीवित्पुत्रिका) के बहुत-बहुत शुभकामना. कवनो देश हमरा भारत पर आँखि उठाके देखे से पहिले एक बेरि जरूर सोचि लेव कि छल आ धोखा ओकरा कामे ढेर दिन ना आई. हमनी के माई जवन ओठघन खियवले बिया आ बरियार का सामने संकल्प लेके जवन खर जिउतिया कइले बिया, ऊ बाँव ना जाई. अब बरियार तनिके खड़ा हो गइल बाड़े. जय हो जिउतिया माई ! दुर्गाया मूर्तिभेदेन ख्याता त्रैलोक्यपूजिता. अमृताहरणे  वत्स स्मृता सा जीवपुत्रिका.
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माई अब जोखाए लगली

- रश्मि प्रियदर्शिनी अँगना-दुअरा एक कs देवेले लोग कहेला माई के गोड़िया में चकरघिन्नी बा दुअरा के बंगली से अँगना के रसोई तक चलत रहेले चलत रहेले   परिकरम करे जवन धरती आकास एक दिन उहे गोड़वा टेटाए लागल माई के उमरिया बुझाए लागल   दवाई खूब भइल गाँव में बाकिर फायदा ना बुझाइल छोटकू सहर में रहलन उनका हिस्सा में माई के इलाज आइल सहर पहुँचते डाक्टर बी पी आ वजन देखलन छोटकुओ याद रखलन कि माई कौ किलो के आइल बाड़ी   सहरी इलाज के, फायदा बुझाइल सूखल…
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जिउतिया (जीवित्पुत्रिका) : चिरंजीवी संतान के ब्रत

– रामरक्षा मिश्र विमल (-अबकी 23 सितंबर 2016 के जिउतिया व्रत पड़ल बा. एह मौका पर पहिले से प्रकाशित आलेख कुछ नया चित्र का साथे दुबारा दिहल जात बा. एह चित्रन का साथे विमल जी लिखले बानी कि एह तरह के लेखन आ सामग्रियन के जुटावे आ प्रदर्शित करे के पीछे हमार एकही मतलब रहेला- ओह लोगन तक भोजपुरी संस्कृति के पहुँचावल जे अपना थाती के देखी त एक बार भावुक हो जाई आ अपना बाल-बच्चा के बड़ा उत्साह से अपना भा अपना पुरनियन का अनुभव का साथे जोरिके बताई. काल्हु…
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बहल गाँव बिलाइल खेती

- जयशंकर प्रसाद द्विवेदी   नइकी शादी छंटल  बहुरिया डिस्को झारत भर दुपहरिया भइया फ्रिज में पानी राखस लुग्गा धोवे  रोज तिसरिया अब मइया न बलाएँ लेती . बहल गाँव बिलाइल खेती .   बइठल दुअरे बब्बा रोवें घरवां दादी बरतन धोवें चच्चा  गोबर फेकें घूरे बुआ चुहानी रोटी पोवें भावे भउजी  भइया बेती . बहल गाँव बिलाइल खेती .   घर घर घुसरल अइसन टीभी बनल  बहुरिया  बड़की बीबी अम्मा  चाय  बनावें सभकर भलहीं  आवें  सजल  करीबी मटका फूटल आपन नेती . बहल गाँव बिलाइल खेती .   गवईं …
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अनऽत (अनंत चतुर्दशी) के शुभकामना

भोजपुरिका का ओर से अनऽत (अनंत चतुर्दशी) के बहुत-बहुत शुभकामना. आजुए के दिन अनंत भगवान के पूजा कइके अनऽत (अनंत सूत्र) बान्हल जाला जवन हर संकट से रक्षा करेला.मान्यता बा कि जब पांडव जुआ में आपन मए राज-पाट हारि गइले तब प्रतिज्ञानुसार ऊहन लोग के बारह बरिस के वनवास भोगेके परल.जब ऊ लोग जंगल में बहुत कष्ट भोगे लगलन, तब भगवान श्रीकृष्ण ओह लोगन के अनंत चतुर्दशी के व्रत करेके कहले रहन.अनंत नाम भगवान विष्णु के हटे.धर्मराज युधिष्ठिर अपना सभे भाई आ द्रौपदी का सङे पूरा विधि-विधान से ई व्रत कइलन आ…
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बलात्कार माने बल अति कार.

- ओ. पी. सिंह कवनो कार भा कार्य जवन बल का भरोसे - बलाते - कइल जाव ओकरा के बलात्कार मान लीहल जाला. अब बलातो त कई तरह के काम क लीहल जाला बाकिर व्यवहार में ई दू गो विपरीत लिंगियन का बीचे बलाते भइल सेक्स खातिर मान लीहल गइल बा. सम लिंगियन का बीचे भइल एह तरह के सेक्स खातिर दुष्कर्म शब्द के इस्तेमाल होला. बाकिर एही बात के लिंग आ सेक्स के दायरा बढ़ावत समूह आ कार का साथे देखल जाव तो हर छिन कवनो ना कवनो समूह…
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जाल के जाला (बतकुच्चन – 202)

जाल, जाला, जाली, जंजाल, संजाल, मायाजाल, इंद्रजाल, मोहजाल, महाजाल; पता ना कतना जाल आ कतना जाला कि सझुरावते परेशान हो जाए आदमी. जाल बुनल जाला, जाला लाग जाला आ जाली बनावल जाले. कबो दोसरा खातिर त कबो अपना खातिर. एह जाल के दायरा अतना बड़ बा कि बुझाते नइखे केने से शुरु करीं. कह सकीलें कि ई आजु हमरा ला जंजाल बन गइल बा. जाल जवन खुद के अझुरा देव ओकरा के जंजाल कहल जाला. अइसन ना कि जाल हमेशा दोसरे ला लगावल जाला. कई बेर त ई अपना आ…
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मैथिली-भोजपुरी अकादमी के एगो नेवता

  भोजपुरी के नेही-छोही लोगन खातिर मैथिली-भोजपुरी अकादमी के एगो नेवता.
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तीज : अखंड सोहाग के ब्रत

– डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल   शास्त्रन में तीज के हरितालिका नाम से जानल जाला. “हरितालिका” शब्दो एह ब्रत खातिर खूब प्रचलित बा. भादो का अँजोर में तृतीया तिथि1 के एकर अनुष्ठान कइल जाला. पति खातिर 'तीज' आ बेटा खातिर 'जिउतिया' से बड़ ब्रत ना मानेलिन मेहरारू लोग. ई मान्यता बा कि अखंड सौभाग्य खातिर सभ स्त्री लोग एह ब्रत के करेली. अइसन मानल जाला कि एह ब्रत के सबसे पहिले पार्बतीजी भगवान शिव के अपना पति का रूप में प्राप्त करे खातिर कइले रही. तबे से एह ब्रत के प्रचलन…
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जिम्मेदारी

- रामरक्षा मिश्र विमल जिम्मेदारी सघन बन में हेभी गाड़ी के रास्ता खुरपी आ लाठी के बल नया संसार स्वतंत्र प्रभार   जिम्मेदारी जाबल मुँह भींजल आँखि फर्ज के उपदेश आ निर्देश गोपाल के ठन ठन नपुंसक चिंतन   जिम्मेदारी तलवार के धार मित्रन के दुतरफा वार आदर्श विचार साँप आ छुछुंदर के गति धीर गंभीर आ शांत मति   जिम्मेदारी तर तर घी चूअत पूड़ी आ गरम जलेबी माछी आ चिउँटिन के बहार प्रतिबंधित लार रहरी के खेत में हुँड़ार   जिम्मेदारी बेईमानी के खोंप पर ईमानदारी के टोपी…
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